हिंदू धर्म में अधिकमास को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, क्योंकि यह भगवान विष्णु को समर्पित होता है। वर्ष 2026 में आने वाला अधिकमास भक्तों के लिए साधना, पूजा-पाठ, दान और आत्मशुद्धि का विशेष अवसर लेकर आएगा।

अधिकमास क्या होता है?
हिंदू पंचांग चंद्रमा की गति पर आधारित होता है, जबकि सूर्य वर्ष लगभग 365 दिनों का होता है। चंद्र वर्ष और सौर वर्ष के बीच अंतर को संतुलित करने के लिए लगभग हर 32 महीने बाद एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे अधिकमास कहा जाता है।
इस महीने में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते, लेकिन पूजा-पाठ, व्रत, जप, तप और दान का विशेष महत्व होता है।
अधिकमास 2026 कब है?
साल 2026 में अधिकमास श्रावण और भाद्रपद के बीच आने की संभावना है। पंचांग के अनुसार इसकी तिथियां अलग-अलग क्षेत्रों में थोड़ी भिन्न हो सकती हैं, इसलिए अपने स्थानीय पंचांग या ज्योतिषाचार्य से अवश्य पुष्टि करें।
अधिकमास को पुरुषोत्तम मास क्यों कहते हैं?
पौराणिक कथाओं के अनुसार जब इस अतिरिक्त महीने को कोई देवता स्वीकार नहीं कर रहे थे, तब भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम देकर “पुरुषोत्तम मास” कहा। तभी से यह महीना भगवान विष्णु की भक्ति और साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाने लगा।
अधिकमास में क्या करना चाहिए?
1. भगवान विष्णु की पूजा करें
प्रतिदिन श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें।
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप अत्यंत फलदायी माना जाता है।
2. गीता और भागवत कथा का पाठ
अधिकमास में धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
3. दान-पुण्य करें
गरीबों को भोजन, वस्त्र, अन्न, जल और जरूरत की वस्तुएं दान करें।
4. व्रत और संयम रखें
इस महीने सात्विक भोजन, ब्रह्मचर्य और संयम का विशेष महत्व बताया गया है।
5. तीर्थ यात्रा और सेवा
यदि संभव हो तो मंदिर दर्शन, गौ सेवा और जरूरतमंदों की सहायता करें।
अधिकमास में क्या नहीं करना चाहिए?
- विवाह और सगाई
- गृह प्रवेश
- नया व्यापार शुरू करना
- मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य
- तामसिक भोजन और क्रोध
अधिकमास का आध्यात्मिक महत्व
यह महीना आत्मचिंतन और भगवान से जुड़ने का समय माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान की गई पूजा और दान का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है। जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान विष्णु की आराधना करता है, उसके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
निष्कर्ष
अधिकमास 2026 भक्तों के लिए आध्यात्मिक उन्नति और पुण्य कमाने का श्रेष्ठ अवसर है। इस पूरे महीने भगवान विष्णु की भक्ति, दान-पुण्य और अच्छे कर्म करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं। यदि आप अपने जीवन में शांति, सफलता और सुख चाहते हैं, तो इस पवित्र महीने का महत्व अवश्य समझें और श्रद्धा से पूजा करें।
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